
अध्याय- V
(नियम पुस्तिका-4)
नीति बनाने व उसके कार्यान्वयन के संबंध में जन सदस्यों द्वारा सलाह/प्रतिनिधित्व के लिए व्यवस्था
विदृप्रनि अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए लगातार एक तरफ ग्राहकों-मंत्रालयों/विभागों तथा दूसरी तरफ समाचार पत्रों/निर्माता एजेंसियों इत्यादि से बातचीत करता रहता है। प्रभावी अध्ययन से इसे फीडबैक भी मिलता है। चूंकि इसके पास आंतरिक तथा बाहरी विद्वानों की कई समितियाँ हैं, अतः सलाह आम जनता से न लेकर संबंधित पार्टियों के प्रतिनिधियों से ली जाती है, बैठकों का कार्यवृत्त आंतरिक उपयोग के लिए किया जाता है।
नीति बनाना
क्र. सं. |
विषय/शीर्षक |
जनता की प्रतिभागिता को सुनिश्चित करने की अनिवार्यता (हाँ/नहीं) |
जनता की प्रतिभागिता के लिए व्यवस्था |
1 |
भारत सरकार की विज्ञापन नीति | नहीं |
समाचारपत्र निकायों/समाचारपत्र मालिकों/प्रतिनिधियों द्वारा अभिव्यक्त विचारों को भारत सरकार की विज्ञापन नीति बनाते हुए ध्यान में रखा जाता है। |
2 |
दर संरचना समिति | नहीं |
विदृप्रनि की विज्ञापन दरों को परिशोधित करने के लिए सरकार द्वारा गठित दर संरचना समिति अपनी संस्तुति देने से पूर्व समाचारपत्रों तथा उनके संघों के साथ परामर्श करती है। |
3 |
श्रव्य-दृश्य के लिए दर निर्धारण समिति | नहीं |
श्रव्य-दृश्य स्पॉट्स/कार्यक्रमों के प्रसारण के लिए दर निर्धारण समिति अपनी संस्तुति पेश करने से पूर्व चैनलों के प्रतिनिधियों के साथ सलाह करती है। |
नीति कार्यान्वयन
क्र. सं. |
विषय/शीर्षक |
|
जन प्रतिभागिता के लिए व्यवस्था |
|
प्रभावी अध्ययन/फीडबैक |
नहीं |
इसके अतिरिक्त निदेशालय नागरिकों के प्रत्युत्तर का अनुमान लगाने के लिए वेबसाइट, ई-मेल, आगंतुक पुस्तिका, प्रभावी अध्ययन के माध्यम से प्राप्त फीडबैक का उपयोग करता है, तथा समय-समय पर प्राप्त हुई शिकायतों का विश्लेषण करता है ताकि समस्याओं को चिन्हित किया जा सके तथा सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए इनका समाधान किया जा सके। |